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वाग्वीर इंसान की, होत चीकनी बात !!

Posted On: 25 Feb, 2013 में

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हमारा देश वाग्वीरों का देश है। हमारे देश में एक से बढ़कर एक वाग्वीर मौजूद हैं। सभी अपनी बातों से ही दुनिया फतह करते रहते हैं। इनके पास अत्याधुनिक ‘बयान बम’ पाये जाते हैं, जिसे वे हर अवसर पर फोड़ते रहते हैं। अपने बयान बमों की शक्ति बढ़ाने के लिए, हमारे वाग्वीर, उसमें ‘चैनल चर्चा’ के छर्रे मिलाते हैं, जिससे की उनका ‘बयान बम’ अधिक शक्ति शाली हो जाये। वैसे ‘बयान बम’ फोड़ने और बनाने की सामग्री, हमारे चैनल मुहैया कराते हैं। दिन भर  में चैनल जबतक किसी ना किसी से, कोई ना कोई ‘बयान बम’ न फोड़वा दे, उसका टीआरपी बढ़ता ही नहीं।

वैसे ‘बयान बम’ सिर्फ चैनलों की टीआरपी बढ़ाने के काम ही नहीं आता है, जनता के मनोरंजन का साधन भी होता है। कुछ‘बयान बम’ जनता को हँसाने के काम आते हैं। जैसे बम बिस्फोटों के बाद गृह मंत्री बयान देते हैं, ‘यह कदम कायरता पूर्ण है’। पब्लिक पूंछती है, किसका कदम कायरता पूर्ण है? आपका या आतंकवादियों का? दूसरे मंत्री का बयान आता है,‘इसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा’। पब्लिक पूंछती है कि, किसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा? पब्लिक के खिलाफ या आतंकवादियों के खिलाफ? उनके खिलाफ तो कभी कड़े कदम उठे नहीं। हाँ, पब्लिक के खिलाफ कड़े कदम, कभी पेट्रोल के दाम बढ़ाकर, कभी डीजल के दाम बढ़ाकर, सरकार उठाती ही रहती है।

इसके बाद फिर किसी केंद्रीय मंत्री का बयान आएगा, ‘हमने तो राज्य सरकार को पहले ही अलर्ट कर दिया था’। राज्य सरकार की ओर से बयान आएगा, हमें ‘सटीक’ सूचना नहीं थी। पुलिस कि ओर से बयान आएगा,‘हमने संदिग्धों के स्केच बनवा लिए हैं’। पब्लिक को हंसी आती है, कि अब स्केचों कि प्रदर्शनी लगेगी। फिदा हुसैन के देश छोड़ने से जो कमी हुई थी, पुलिस के स्केचों की प्रदर्शनी से पूरी हो रही है। हर बम बिस्फोट के साथ नए नए स्केच। स्केचों से फाइलों का पेट भर रहा है। चैनलों का पेट भर रहा है। जिसका पेट खाली है, उसके लिए सरकार‘बयान’ देती ही रहती है।

वैसे नेता-मंत्री तो पैदाइशी ‘वाग्वीर’ होते हैं, लेकिन आजकल हमारे देश में और भी बहुत से ‘वाग्वीर’ पैदा हो गए हैं। जैसे दिल्ली बलात्कार काण्ड पर बोलते हुये ऋषिवर श्री श्री 1008 आशाराम बापू महराज ने ‘बयान बम’ फोड़ दिया कि अगर पीड़ित लड़की की दीक्षा हुई होती, वह बलात्कारियों को भाई बोल देती, तो यह घटना ना होती। एक दूसरे श्री श्री 1008 ने दूसरा प्रवचन दिया, बलात्कार इंडिया में ज्यादा होता है, भारत में कम। इस मुद्दे पर अलग अलग वाग्वीरों ने अपने अपने ‘बयान बम’ फोड़े। हमारे देश में, एसे भी वीर हैं, जो अलग अलग मुद्दों पर ‘बयान बम’ फोड़ते रहते हैं। जिसमें श्री मार्कण्डेय काटजू और श्री दिग्विजय सिंह प्रमुख ‘बयान-बम बाज’हैं। गरीबी, महँगाई से पीड़ित जनता, कम से कम‘बयान बमों’के मजे लेकर कुछ देर के लिए ही सही, आनंदित हो जाती है। देश के एसे सपूत ‘वाग्वीरों’ को शत शत नमन!!!



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
February 28, 2013

वैसे नेता-मंत्री तो पैदाइशी ‘वाग्वीर’ होते हैं, लेकिन आजकल हमारे देश में और भी बहुत से ‘वाग्वीर’ पैदा हो गए हैं। जैसे दिल्ली बलात्कार काण्ड पर बोलते हुये ऋषिवर श्री श्री 1008 आशाराम बापू महराज ने ‘बयान बम’ फोड़ दिया कि अगर पीड़ित लड़की की दीक्षा हुई होती, वह बलात्कारियों को भाई बोल देती, तो यह घटना ना होती। एक दूसरे श्री श्री 1008 ने दूसरा प्रवचन दिया, बलात्कार इंडिया में ज्यादा होता है, भारत में कम। इस मुद्दे पर अलग अलग वाग्वीरों ने अपने अपने ‘बयान बम’ फोड़े। हमारे देश में, एसे भी वीर हैं, जो अलग अलग मुद्दों पर ‘बयान बम’ फोड़ते रहते हैं। जिसमें श्री मार्कण्डेय काटजू और श्री दिग्विजय सिंह प्रमुख ‘बयान-बम बाज’हैं। गरीबी, महँगाई से पीड़ित जनता, कम से कम‘बयान बमों’के मजे लेकर कुछ देर के लिए ही सही, आनंदित हो जाती है। देश के एसे सपूत ‘वाग्वीरों’ को शत शत नमन!!! सही बात ! लेकिन क्यूंकि हम इन वाग्वीरों की बात को सुनते हैं और हाय तौबा मचाते हैं इसलिए ही ये वाग्वीर भोंकते हैं ! बढ़िया लेखन मित्रवर मनोज कुमार जी !

    manojjohny के द्वारा
    February 28, 2013

    बहुत बहुत धन्यवाद् योगी जी.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
February 25, 2013

हमारा भी नमन सादर

    manojjohny के द्वारा
    February 27, 2013

    आदरणीय कुशवाहा जी आपको सादर प्रणाम। कमेन्ट के लिए धन्यवाद ।


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